उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, जिसे प्यार से 'नवाबों का शहर' कहा जाता है, अपनी अनूठी 'नजाकत' और 'नफासत' के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। गोमती नदी के तट पर बसा यह शहर आधुनिकता और प्राचीन परंपराओं का एक सुंदर मिश्रण है।
1. ऐतिहासिक गौरव
लखनऊ का इतिहास बेहद समृद्ध है। प्राचीन काल में इसे 'लक्ष्मणपुरी' के नाम से जाना जाता था, लेकिन इसका असली निखार अवध के नवाबों के शासनकाल में आया। नवाब आसफ-उद-दौला ने इसे अवध की राजधानी बनाया, जिसके बाद यहाँ की वास्तुकला, संगीत और नृत्य (विशेषकर कथक) को नई ऊंचाइयां मिलीं।
2. प्रमुख पर्यटन स्थल
लखनऊ की इमारतों में मुगल और यूरोपीय वास्तुकला का प्रभाव स्पष्ट दिखता है:
लखनऊ की इमारतों में मुगल और यूरोपीय वास्तुकला का प्रभाव स्पष्ट दिखता है:
बड़ा इमामबाड़ा: अपनी विशाल 'भूल-भुलैया' के लिए प्रसिद्ध।
रूमी दरवाजा: इसे 'तुर्किश गेट' भी कहा जाता है और यह लखनऊ का सिग्नेचर लैंडमार्क है।
रेजीडेंसी: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गवाह।
अम्बेडकर मेमोरियल पार्क: आधुनिक लखनऊ की भव्यता को दर्शाता पत्थरों से बना विशाल पार्क।
मरीन ड्राइव: गोमती नदी के किनारे स्थित यह जगह युवाओं और शाम की सैर के लिए काफी लोकप्रिय है।
रूमी दरवाजा: इसे 'तुर्किश गेट' भी कहा जाता है और यह लखनऊ का सिग्नेचर लैंडमार्क है।
रेजीडेंसी: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गवाह।
अम्बेडकर मेमोरियल पार्क: आधुनिक लखनऊ की भव्यता को दर्शाता पत्थरों से बना विशाल पार्क।
मरीन ड्राइव: गोमती नदी के किनारे स्थित यह जगह युवाओं और शाम की सैर के लिए काफी लोकप्रिय है।
3. खान-पान और जायका
अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो लखनऊ आपके लिए स्वर्ग है। यहाँ का अवधी व्यंजन दुनिया भर में मशहूर है:
टुंडे कबाबी: यहाँ के गलौटी कबाब इतने नरम होते हैं कि मुंह में जाते ही घुल जाते हैं।
लखनऊ की चाट: हजरतगंज की चाट और प्रकाश कुल्फी का कोई जवाब नहीं।
दमपुख्त बिरयानी: यहाँ की बिरयानी अपनी खास खुशबू और स्वाद के लिए जानी जाती है।
अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो लखनऊ आपके लिए स्वर्ग है। यहाँ का अवधी व्यंजन दुनिया भर में मशहूर है:
टुंडे कबाबी: यहाँ के गलौटी कबाब इतने नरम होते हैं कि मुंह में जाते ही घुल जाते हैं।
लखनऊ की चाट: हजरतगंज की चाट और प्रकाश कुल्फी का कोई जवाब नहीं।
दमपुख्त बिरयानी: यहाँ की बिरयानी अपनी खास खुशबू और स्वाद के लिए जानी जाती है।
4. चिकनकारी: एक नायाब कला
लखनऊ की 'चिकनकारी' (हाथ की कढ़ाई) दुनिया भर के फैशन बाजार में अपनी धाक जमाए हुए है। महीन कपड़ों पर सुई-धागे का यह जादू लखनऊ की महिलाओं की कलात्मकता का प्रतीक है।
लखनऊ की 'चिकनकारी' (हाथ की कढ़ाई) दुनिया भर के फैशन बाजार में अपनी धाक जमाए हुए है। महीन कपड़ों पर सुई-धागे का यह जादू लखनऊ की महिलाओं की कलात्मकता का प्रतीक है।
5. तहजीब और भाषा
लखनऊ की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की 'तहजीब' (शिष्टाचार) है। यहाँ की उर्दू मिश्रित हिंदी और बात करने का लहजा "पहले आप" की संस्कृति को आज भी जीवित रखे हुए है।
लखनऊ की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की 'तहजीब' (शिष्टाचार) है। यहाँ की उर्दू मिश्रित हिंदी और बात करने का लहजा "पहले आप" की संस्कृति को आज भी जीवित रखे हुए है।